शायरी – खामोशियां, तन्हाइयां और दर्द की अंगराइयां

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खामोशियां, तन्हाइयां और दर्द की अंगराइयां
इस रूह से उठती है ये इश्क की पूरवाइयां

अपनी ही जिंदगी मेरी कांटों पे ही सो गई
अब ख्वाब में उड़ती है मेरे खून की चिंगारियां

इस शाम सलोने ने मुझे चांद दिया है
इतनी हसीन चीज पे है दाग की परछाइयां

जज़्बातों की नदियां सभी सागर से बिछड़ गई
मेरा वजूद बह गया, है बच गई जुदाइयां

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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