शायरी – सौ बार टूटा दिल मेरा, सौ बार बिखरी आरजू

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सौ बार टूटा दिल मेरा, सौ बार बिखरी आरजू
दुनिया में इज्जत ढ़ूंढ़ी तो सौ बार लुट गई आबरू

मुझसा ही तू उदास था, मुझसा ही तू बर्बाद था
मुझसे ही तुमको इश्क था, आया न तू मेरे रू-ब-रू

दिल पे मैं क्या गुमां करूं, जिसने मुझे बस दुख दिया
दुख में ही कटती रात है, दुख से ही होता दिन शुरू

अब तो जरूरत ना रही, तेरी भी ऐ मेरे खुदा
जब मौत से ही प्यार हो तो मैं किसी से क्यों डरूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

 

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