शायरी – जख्म जब-जब दिल में मेरे इश्क में जल उठा

love shyari next

आईना देखा तो मेरा एक अलग ही रूप था
कल तलक जो अक्स था, आज वो इक दाग था

बस मेरी तू आरजू थी, चूड़ होकर रह गई
मैं भी शायद जिंदगी का एक टूटा ख्वाब था

मिट्टी का हर दर्द तो फूल बनकर खिल गया
मेरे सीने में भी गम का एक हसीन गुलाब था

जख्म जब-जब दिल में मेरे इश्क में जल उठा
आंख से पानी बहे, उस पानी में भी आग था

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements