इश्क क्या है

शायरी – इन चांद-सितारों में समा के मैं रह गया

शायरी इन चांद-सितारों में समा के मैं रह गया यादों के दीये रोज जला के मैं रह गया तू दो कदम भी साथ मेरे चल नहीं सकी खुद को मुसाफिर ही बना के मैं रह गया

love shayari hindi shayari

इन चांद-सितारों में समा के मैं रह गया
यादों के दीये रोज जला के मैं रह गया

तू दो कदम भी साथ मेरे चल नहीं सकी
खुद को मुसाफिर ही बना के मैं रह गया

ये चंद बरस की है जो जिंदगी मेरी
सदियों की तरह इसको बिता के मैं रह गया

मुझको जुनूने-इश्क में कुछ भी खबर नहीं
दुनिया को इस कदर भुला के मैं रह गया

©RajeevSingh #love shayari

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