शायरी – मेरा आगोश तेरे साये से लिपट जाता है

love shayari hindi shayari

मेरा आगोश तेरे साये से लिपट जाता है
कई रातों से ये ख्वाब टूट जाता है

जब तलक हैं जुदा, पूनम भी अमावस है
चांद कतरों में निगाहों से बह जाता है

मुझे गुलशन की गुलाबें तो नसीब नहीं
यूं भी पतझड़ में कांटा ही रह जाता है

बस्तियां गम की बसाता हूं हर रोज मगर
इश्क की आग में हर आशियां जल जाता है

©RajeevSingh #love shayari