आशिक शायरी

शायरी – इश्क तन्हा ही रहता है बेजुबां बनकर

शायरी जल रहा है मेरी नजरों में मेरा वो खुदा चांद बुझता ही नहीं होकर सूरज से जुदा इश्क तन्हा ही रहता है बेजुबां बनकर और आशिक भी होता है हर बयां से जुदा

love shayari hindi shayari

जल रहा है मेरी नजरों में मेरा वो खुदा
चांद बुझता ही नहीं होकर सूरज से जुदा

इश्क तन्हा ही रहता है बेजुबां बनकर
और आशिक भी होता है हर बयां से जुदा

आज टुकड़ों में बंटे हैं हम बादल की तरह
आज दरिया भी हो जाएंगे आंखों से जुदा

मेरी सदियां मेरे माजी से खफा रहती हैं
काट ली हमने भी एक उम्र रहके तुमसे जुदा

©RajeevSingh #love shayari

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