शायरी – तड़प-तड़प कर मांग रही हो किसको तुम दुआओं में

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जाने क्यूं बेचैनियां हैं तेरी इन निगाहों में
तेरे जुबां खामोश खत हैं, क्या लिखा है आहों में

गमजदा तेरी सूरत पे खौफ का जो मंजर है
चांद डूब रहा हो जैसे गर्दिश की पनाहों में

कोई तमन्ना दिल में तेरे अपना जोर लगाती है
तड़प-तड़प कर मांग रही हो किसको तुम दुआओं में

ये घनेरी काकुलें जो चूमती हैं गालों को
एक हसीं तस्वीर हो तुम मेरी इन निगाहों में

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari