शायरी – जबसे तुम मेरे दिल के गुलाब बन गए

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हम तेरी मुहब्बत में आफताब बन गए
जिसमें न धुंआ हो वो आग बन गए

उगते रहे हैं शूल भी सीने की जमीं से
जबसे तुम मेरे दिल के गुलाब बन गए

अब देखना दुनिया को न हो सका मुमकिन
तुम मेरी निगाहों पे नकाब बन गए

हम आज तक छुपाते रहे राज ए मुहब्बत
न जाने तुम किस तरह हमराज बन गए

राज ए मुहब्बत- मुहब्बत के राज, secret of love

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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5 thoughts on “शायरी – जबसे तुम मेरे दिल के गुलाब बन गए”

  1. Jindagi mohtaaj nahi manjilo ki
    Marta nahi koi kisi se juda ho ker
    Waqt jina sikha deta hai

  2. फुल के बिना काँटे नही।
    जो दुसरो को दर्द देते वो रोते नही।
    आप याद करे या ना करे कोई बात नही।
    हम आप के यादों के बिना सोते नही।
    MR.VEER.KUMAR.SINGH

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