अपनी खामोशी शायरी

शायरी – फूल न टूट सकेगा हवा के झोकों से

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फूल न टूट सकेगा हवा के झोकों से
ये तो टूटेगा किसी आदमी के हाथों से

अश्क ने खींची लकीरें तेरे दो गालों पे
दर्द की राह सी निकल आई तेरी आँखों से

ढूँढता हूं मैं जब अपनी ही खामोशी को
मुझे कुछ काम नहीं दुनिया की बातों से

आसमाँ दे न सका चाँद अपने दामन का
माँगती रह गई धरती कई रातों से

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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