शायरी – सीने की गहराइयों में मुहब्बत जिंदा दफन है

prevnext

सीने की गहराइयों में मुहब्बत जिंदा दफन है
उसपे बिछा मेरे जिस्म का सादा कफन है

ये मौत जिंदगी के करीब ले आई है
और जिंदगी में अब तू ही तू समाई है

अपना ही साया है ये रात का अँधेरा भी
अपना ही अक्स है ये चाँद का चेहरा भी

आज जहाँ भी रहूँ जमीं-आस्मा बदलती नहीं
शहर की रौनक से मेरी तबियत बहलती नहीं

घर-शहर-देश की सरहदें मैं नहीं जानता
मैं जानता हूँ बस तेरे दर्दे-मुहब्बत को

और आँसू के उन सच्चे कतरों को
जिसे मैंने तेरी प्यासी उदासी में देखा है

तेरे उजड़े हुए बाल और मरता सा बदन
मुझे याद है बस एक जोगन जो तेरे जैसी है

©RajeevSingh #love shayari

One thought on “शायरी – सीने की गहराइयों में मुहब्बत जिंदा दफन है”

Comments are closed.