शायरी – मेरी तन्हाई को गम से आबाद कर गया

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मेरी तन्हाई को गम से आबाद कर गया
तेरा इश्क जो मुझको बरबाद कर गया

घेरती हैं मुझको जो तेरी हसीं जुल्फें
अंधेरों में दिल तेरा अहसास कर गया

ऐ अजनबी किस ओर ले चली हो मुझे
ये आवारगी तो मुझको खराब कर गया

तेरे चेहरे को ख्वाबों में निहारता हूं मैं
मुझे चैन से महरूम ये शबाब कर गया

©RajeevSingh

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