शायरी – इन जख्मों को भरने में लगेंगे कई मौसम

love shyari next

इन जख्मों को भरने में लगेंगे कई मौसम
अभी तुमको भूलने में लगेंगे कई मौसम

तेरे इश्क में ये बहार एक पल में उजड़ गई
अब फूलों को खिलने में लगेंगे कई मौसम

सदमे मिले हैं जिनको दुनिया में बेवफाओं से
उनके आंसुओं को गिरने में लगेंगे कई मौसम

मुझे अपनी तो परवाह नहीं मगर तेरी बहुत है
इस फितरत को मिटने में लगेंगे कई मौसम

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

One thought on “शायरी – इन जख्मों को भरने में लगेंगे कई मौसम”

  1. Sawan ne bhi kisi se paiyaar kiya tha usne use badal ka naam diya tha rote the dono eak doosre ke judai me logo ne use barsaat ka naam diya tha. Aanchal Singh.

Comments are closed.