शायरी – मुहब्बत में जिंदगानी यूं पाले बदलती है

love shayari hindi shayari

अपनी ही सांस किसी और की लगती है
मुहब्बत में जिंदगानी यूं पाले बदलती है

आज न कल हसीन चांद कहीं तो टपकेगा
इसी उम्मीद में ये जमीं दिन-रात चलती है

तेरा अक्स खींचता रह गया मैं गजलों में
न जाने कितने चेहरों में तू रोज मिलती है

कोई इस पार से उस पार आखिर कैसे पहुंचे
जब बीच समंदर में तू कश्ती से उतरती है

©RajeevSingh #love shayari

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