शायरी – तेरी बेवफाई का गिला कैसा

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हम उस मुकाम पर नहीं होते
अजनबी रास्ते जहां नहीं होते

तेरी बेवफाई का गिला कैसा
धोखे दुनिया में कहां नहीं होते

ऐ हुस्न गर तू उदास न होती
तुम्हारे दीवाने वहां नहीं होते

हर टुकड़ा दर्द का कहता है
टूटे आईनों के जुबां नहीं होते

©राजीव सिंह शायरी