प्यार करो तो उसे निभाने की हिम्मत रखो वरना प्यार ही मत करो – रिया की स्टोरी

हेलो दोस्तों! मैं बिहार से रिया, आज आपलोगों से शेयर करना चाहती हूं। मैंने इस पेज पे बहुत सारी कहानियां पढ़ी। कई कहानियां दर्दनाक हैं। मेरी कहानी भी कुछ ऐसी ही है, मैं जिसे प्यार करती हूं 2 महीने पहले उसकी शादी हो गयी। हम दोनों बहुत प्यार करते थे एक-दूसरे से। हमारे परिवारवाले नहीं माने इसलिए हम शादी नहीं कर पाए। वो खैर लड़का है, अपने काम में व्यस्त रहता है इसलिए वो अपनी जिंदगी में थोड़ा आगे बढ़ गया है। समझौता ही सही पर अब वो जीने लगा है। भूला तो वो आज भी नहीं है, ना प्यार कम हुआ है पर कहते हैं न कि कभी-कभी अपने लिए नहीं, अपनों के लिए जीना होता है।

उसके जाने के बाद मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। मैं कैसे जिंदा हूं, मुझपे क्या बीती है, मैं ही जानती हूं। वो तकलीफ ऐसी है जिसे लफ्जों में मैं बयां नहीं कर सकती। कोई खुशी नहीं, जिंदगी में ना कोई इच्छा है। अपनी जिंदगी ही खुद के लिए बोझ बन गया है।

मैं आज इस पोस्ट के जरिये सारे प्यार करने वालों से कुछ कहना चाहती हूं। अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते हो तो उसे पाने की पूरी कोशिश करो। समझौता करके इंसान सिर्फ जिंदा रह सकता है, जी नही सकता। कोई आपके दर्द को कभी नहीं समझेगा। ये दुनिया ऐसी ही है दोस्तों। मैं मानती हूं हमारे लिए परिवार जरूरी है, सबकुछ है। हमारा अस्तित्व उन लोगों से ही है। मैं खिलाफ जाने को नहीं बोल रही हूं, बस बोल रही हूं कि आप अपने प्यार को भी परिवार जितना ही वैल्यू दो। दोनों में से किसी को ना छोड़ो। जिद पे अड़ जाओ और तब तक कोशिश करो जब तक परिवार ना माने।

riya story

हम जिसके साथ जीना चाहें, उसी के साथ ना जी पाए तो जिंदगी में क्या रहा? ये समाज और दुनिया आज तक किसी की न हुई है, ना होगी। ये बस बनी ही है आपमें कमियां निकालने के लिए, आप पे हंसने के लिए। आपका दर्द आपके आंसू कोई देखने नहीं आता, वो आपको खुद ही सहना होता है।

और हम लड़कियों की हालत तो और खराब है इस दुनिया में। शादी के बाद मां-बाप जैसे अपनी जिमेदारी पूरी कर निश्चिन्त हो जाते हैं। जो है, अब जैसा है, समझौता कर के जीना सीख ले, अब वही तेरा घर है, ऐसा बोल दिया जाता है। वो पल-पल किस घुटन में जीती है, वही जानती है। जाए तो जाए कहां और कहे तो कहे किससे। उसके अपने ही बेगाने हो गए तो गैरों से उम्मीद कैसी अब।

इसलिए दोस्तों बदनामी समाज इन सबकी चिंता किये बिना आपलोग अपने प्यार का साथ पाने को हर कोशिश करो। किसी समाज के पास इतना वक्त नहीं होता कि बैठ कर आपके बारे में सोचे। और वैसे भी कोई भी खबर कुछ दिनों बाद पुरानी हो जाती है, सब भुला देते है। थोड़ा स्वार्थी बनो यारों, जिंदगी अपनी खुशी के लिए भी जियो, कब तक आखिर- कब तक लोगों की डर से चुप रहना। और हमारे मां-बाप भी कौन सा हमारा साथ हमेशा देने वाले हैं, साथ तो हमसफर ही देगा न इसलिए हमसफर अपने मन का ही चुनो।

अगर प्यार कर ही लिया है तो निभाने का व हौसला रखो दोस्तों। जिंदगी मर-मर के जीने से तो अच्छा है कि चाहे जितना भी वक्त लगे जितना दर्द सहन करना पड़े पर हार ना मानो। जब तक प्यार को मंजिल न मिल जाये। दुनिया की कोई मजबूरी, किसी की खुशी जिंदगी से बड़ी नही हो सकती। चीजें बहुत बदतर हो सकती हैं, जानती हूं, रास्ता बहुत काटों भरा है प्यार का पर पा लेने का सुकून हर दर्द भुला देगा।

इसलिए दोस्तों जब तक ये न लग जाए कि अब कुछ नहीं हो सकता, प्यार को पाने की कोशिश मत छोड़ना। मैने तो खो दिया क्योंकि हमारे घरवालों ने साथ नहीं दिया, ऐसे लोगों से भी कहूंगी कि प्यार करते हो तो साथ देने की हिम्मत भी रखो। अगर मेरी बातें पढ़ के किसी एक में भी इतनी हिम्मत आ गयी हो कि वो अपने प्यार को पाने के लिए लड़ ले और उसे पा ले तो मैं समझूंगी कि मैं हार कर भी जीत गईं। मुझे बहुत खुशी होगी।

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मैं तुमसे प्यार करती हूं लेकिन पहले बीएफ को नहीं छोड़ सकती – आदित्य की लव स्टोरी

मैं आदित्य हूं। 28 साल का हूं और मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा हूं। एक लड़की ने मेरी कंपनी को ज्वाइन की और हम साथ काम करते थे। बात होते-होते मैंने ही उसको प्रपोज किया था तो उसने रिजेक्ट करते हुआ कहा था कि वो किसी और के साथ रिलेशनशिप में है और वो मुझे एक्सेप्ट नहीं कर सकती। फिर उसने कहा कि अगर मैं किसी और के साथ रिलेशनशिप में नहीं रहती तो तुमको एक्सेप्ट कर लेती।

मेरे प्रपोजल को रिजेक्ट करने के बाद भी वो मुझसे बात करती रही। मैंने उससे साफ-साफ कह दिया था कि मैं तुम्हारा दोस्त नहीं बन सकता और फिर उसने भी जवाब दिया था कि मैं भी तुमको पसंद करती हूं और तुम्हारी केयर करती हूं लेकिन तुमसे प्यार नहीं कर सकती।
aditya love story
हम एक ही ऑफिस में काम करते थे इसलिए हमारे बीच रिश्तों की नजदीकियां बढ़ने लगीं। हम घंटों एक दूसरे के साथ बात करते थे और एक दूसरे की केयर करते थे। एक बार जब हम एक दूसरे के बहुत पास आ गए थे तो उसने कहा भी था कि ऐसा लगता है, मैं तुमसे प्यार करने लगी हूं।

इसके बाद वो कुछ दिन के लिए बेंगलौर गई जहां उसका पहला बीएफ रहता है। वहां से लौटी तो उसका बिहेव बदल गया था जिसको देखकर मैं काफी अपसेट रहने लगा। मैं उसका बहुत ख्याल रखा करता था, उसे बहुत प्यार करता था। मैंने उससे बार-बार पूछा कि तुम्हारे साथ प्रॉब्लम क्या है तो उसने कहा कि ये सच है कि मैं भी तुमसे प्यार करती हूं लेकिन मैं अपने पहले बीएफ को नहीं छोड़ सकती इसलिए तुम अपनी जिंदगी में आगे बढ़ो।

हम दोनों अभी भी एक ही ऑफिस में रोज मिलते हैं लेकिन वो मुझसे काफी खराब तरीके से बात करती है। उससे मुझे ऐसे रूखे बर्ताव की उम्मीद नहीं थी। मैं उससे काफी प्यार से, विनम्रता से बात करता हूं लेकिन फिर भी वह इन सब चीजों के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराती है। अब बताइए ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए? क्या इन सबके लिए सिर्फ मैं जिम्मेदार हूं?

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