आंगन में मैं अकेली शायरी फोटो

आने दो इन पंछियों को, आंगन में मैं अकेली हूं मेरी तरह मुसाफिर हैं ये, जीते नहीं शहर बसा के

अकेली शायरी फोटो

जिंदगी की खोई खोई मंजिल के राह हो तुम, रातों में जागी जागी आंखों का ख्वाब हो तुम, खिलते गुलशन में बहारों का अहसास हो तुम।

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