शायरी – मेरी आंखों में तेरी झलक की लकीर ही सही

meri aankhone me shayari

 

मेरी आंखों में तेरी झलक की लकीर ही सही
मेरे पास तू तो नहीं, तेरी एक तस्वीर ही सही

तेरी बाहों में मेरी खुशियों की धन दौलत है
तुझे पाने को भटकता दिल फकीर ही सही

इश्क की आखिरी सांसों की जिंदगी हो तुम
मरते रांझे के सीने में धड़कती हीर ही सही

तेरे जख्मों की किताब को पढ़ता है दीवाना
तेरी कहानी में जो मिले वो तकदीर ही सही

Written by Rajeev Singh

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