दिल का दर्द शायरी ईमेज

shayari – तू दवा लेकर न आई गम ए इश्क में

 इश्क इंसान को बीमार कर देता है और इस मर्ज का इलाज बस महबूब के पास होता है वरना दुनिया के किसी चारागर यानी डॉक्टर के पास इस दर्द का उपचार नहीं। महबूब का मंतर ही इश्क के रोग को छूमंतर कर सकता है।

लेकिन वो जब गम ए इश्क की दवा लेकर नहीं आती तो इंतजार में आशिक की जिंदगी बीमार सी बनी रहती है। उसकी हर रात की तन्हाई एक अधूरी कहानी लिखती है जिसमें उसका दिल रातभर लिखता रहता है ताकि उसकी कहानी पूरी हो सके।

तेरे इश्क में शायरी

दिन-रात उसकी यादों की परेशानी से यह रोग और बढ़ता ही जाता है। आशिक उन यादों से परहेज नहीं कर पाता जिस वजह से इश्का का वायरस और बढ़ता ही चला जाता है। दुनिया ये समझ नहीं पाती कि आखिर आशिक को हुआ क्या है?

दुनिया के लोग यह बार-बार पूछते हैं कि बेकार में किसी के इश्क में जान देने का कोई मतलब नहीं लेकिन वो क्या जानें कि इश्क का मतलब क्या होता है? उन्हें लगता है कि यह रोग ही बेकार है लेकिन उनको नहीं पता कि एक बार ये लग जाए तो फिर इंसान को यह इंसान बना देता है।

आशिक के इसी रोग के बारे में यह गजल है। उसका इलाज करनेवाली माशूक अभी तक आई नहीं और वो गजल में अपने इश्क की अधूरी दास्तान को लिख रहा है। उसका रोग बढ़ता ही जा रहा है और उसे ऐसे ही जीना अच्छा लगता है।

तू दवा लेकर न आई गम ए इश्क में
जिंदगी बीमार हो गई है तेरे इश्क में

रात अधूरी सी दास्तान बनके रह गई
दिल लिखता रहा रातभर तेरे इश्क में

तेरी याद से परहेज न कर सका कभी
रोग बढ़ता ही जा रहा है तेरे इश्क में

जीने वाले लोग ये समझ ही नहीं पाते
क्यों बेकार में मर रहा हूं तेरे इश्क में

©rajeevsingh

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