उदास रात से मैं हजार बातें

उदास रात की शायरी

मेरी बातों से खफा हुए हो तुम जबसे
तबसे किसी से कुछ कहते डरता हूं

है काफिला उम्मीदों का कि जिंदा हूं
इस चिराग में उम्रभर जलके मरता हूं

Advertisements

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.