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मुंतजिर जिंदगी शायरी

काश हमें तुमसे कभी मोहब्बत ही न होती
यही सोचने में दिन से अब मेरी रात होती है

तेरे बिन मेरे दिल की दुनिया बेजान सी हुई
रोज तेरे लिए मुंतजिर जिंदगी हताश होती है

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