100 दर्द शायरी

दर्द शायरी – 1-10

पढ़ने के लिए लिंक्स पर क्लिक करें-

मुझसे मेरे ही खयालों में बात करती हो

रात ढलती है तो ढलने की दुआ दो इसको

तुम भले ही किसी गैर की बाहों में रहो

सोलह दरिया पार की तब तेरा शहर मिला

आह ये मुरझाया गुलाब जाने कब खिलेगा

हाले दिल वो प्यार से पूछने आए

अभी दर्द उठेगा तेरे आने से, अभी सर्द हो जाएंगी निगाहें

मैं तो प्यासा हूं आखिर में वहीं जाऊंगा

ऐ हुस्न मेरे इस दिल में बस अक्स बना है तेरा

वो बेवफा भी क्या जाने किसी का दर्दो-गम

 

दर्द शायरी 11-20


उसकी आंखों में तुमसे इश्क सा नजर आए

हम रुसवा हुए तेरे नाम से, मुहब्बत में ये सिला तो दिया

जबसे खबर हुई कि मेरा दिल आशना है

तेरे बिन हम दिलजले कभी चैन नहीं पाएंगे

मुझपे कयामत ढ़ाती है तेरी गजल सी सूरत

जो खो गया है वही बस है अपना, जो बचा है उसे वहम कहिए

ये खामोश गजल मैं तुमको सुनाऊं कैसे

निगाहों की उदासी कहती है फसाना

मेरे ख्वाबों के उजड़े हुए से मंजर में

हर उदासी इश्क की एक फरियाद है

दर्द शायरी – 21-30

तुम तरसती निगाहों को नुमाया न करो

साहिलों की तरह तुम मिले थे कहीं

वो शायरी है, गजल है या फसाना है

राज-ए-मुहब्बत इज़हार के काबिल नहीं होता

दर्द को देखकर मुंह मोड़ना आसान नहीं

इश्क हटा दोगे सीने से, आखिर क्या रह जाएगा

तेरी खामोशी किसी सदमे की निशानी है

उस हुस्न के सितम हम कैसे बयां करें

तू मेरे शहर से भी गुजर जाएगा एक दिन

दिल थाम कर जाते हैं हम राहे-वफा से

दर्द शायरी 31-40


कांटों के अंजुमन में खिलके बड़े हुए

ये मुहब्बत भी कश्मीर बनके रह गई

मैं चल पड़ा था घर से तेरी तलाश में

दिल बेजुबां है वरना हम बोल भी देते

आईना हमने कई बार तुझे रोते देखा

 जी रहे हो आशियां में आईने की तरह

अबके बरस भी लौटके साजन नहीं आया

कोई मुजरिम भी फरिश्ता इश्क में हो जाएगा

हमने तो बेवफा के भी दिल से वफा किया

मैं भी एक बेजुबां बुत हूं, तू भी एक खामोश खत है

दर्द शायरी 41-50

सबमें बसा है तेरा साया

जिनकी भी आंखों में देखी वफा

दिल की ये आहें तेरे नाम कर दी

वो जो तन्हा सा, परेशां सा है

दर्द गूंज रहा दिल में शहनाई की तरह

जलते दिल की खामोशी ये कह गई

एक आह सी आती है, उनकी तो नहीं

दिल की जितनी भी परेशानी है

कितनी बार गुजर गई तुम मेरे करीब से

कभी रोए तेरे खातिर, कभी चुप हुए तेरे खातिर

दर्द शायरी 51-60


मुझसे वो खफा है और दिल मुझसे खफा है

दर्द मिलता है इश्क के रहगुजर की कैद में

तुम आए तो एक समंदर भी ठहरा

हर कांटा चुन लेता तेरी जिंदगी की राहों का

तुमको अगर मैं अपने दिल में बसा लूं

जब तलक है ये जिंदगी, दिल में मेरी वफा है

मेरी तन्हाई को गम से आबाद कर गया

जब कभी गम की रात आएगी, मेरी जां तेरी याद आएगी

तेरे लब की दिलकश परेशानी भी देखी

सीने में दिल तड़पकर पुकारता है तुझे

दर्द शायरी 61-70

जब तेरे दिल में झांक लेंगे हम

तेरे दर्द पे जिसे रोते देखा

मैंने जब वफा करनी चाही तब तुमने मुझे ठुकराया

इस शहर में तेरे होने के निशान खोजता हूं

मेरी जिंदगी के सवालों का एक तू ही बस जवाब है

इन जख्मों को भरने में लगेंगे कई मौसम

मुहब्बत की लाखों दुहाई देने वाले

मगर फिर भी आंखों में तेरी सूरत का असर बाकी है

जिंदगी दिल के राज तभी खोलती है

प्यार के अहसास पर मर मिटा है दिल

 दर्द शायरी 71-80

दुनिया में कहां फिर दीवाने मिलेंगे

उसके सिवा क्या पाने को था

मैं भी मैं कहां रहा, तू भी तू नहीं रही

मेरे आंसुओं को वो कभी भुला न सकी

इश्क में ये कैसी कशमकश है दिल में

दुनिया की भीड़ में तुझे याद कर सकूं कुछ पल

तुम्हारे दिल को अंदर हैं कितने जख्मों के आंसू

बड़े नादान हैं वो लोग जो तुमसे प्यार करते हैं

इतने खतरे उठा दोनों करते हैं प्यार

आशिक को इस तरह क्यों आजाद करती हो

तेरे आने के भरम से सांस लेता हूं

किसी एक को तो अपनी वफा की मिसाल दो

 

दर्द शायरी 81-100

तुमको देखा तो नूर आंखों में चमक आया

तेरी यादों के सिवा और अपने साथ क्या लेकर जाना है

हम रोये तो ये जमाना समझ में आया

तू भी दिल से जुदा न हो जाना

अजनबी तू क्यों दिल के करीब लगता है

रास्तों में मिलते ही कतराते हैं लोग

वो कब तक समझेगी, ये बड़ा सवाल है

हमें तो तन्हा ही जीते जाना है

कहां गुनगुनाए वो दिल का तराना

जो भी दुनिया में मुहब्बत पे जाँनिसार करे

 

मुहब्बत की दुआ किसने नहीं मांगी

गम से घिरे इंसान को यूं छोड़ देता है जहान

खुद को संवारकर कहां तुम चले गए

तेरा गम देख के रोता ये जमाना होगा

फिर भी तुम पास हो, ये कैसी जुदाई है

लोग कहते हैं कि ये इश्क की बीमारी है

मौत यूं भी तेरे हाथों लिखी है जालिम

जाने किन रास्तों पर मेरे सपने भटक गए

जिंदगी का बिखर जाना अब आम बात है

तुम्हें याद करने को तरस सा गया हूं

Advertisements

Leave a Reply

Read real life love stories and original shayari by Rajeev Singh

Advertisements