शायरी – आप कातिल रहे और हम मुजरिम बनकर

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गम आया है दिल में मुहब्बत बनकर
आज आंसू भी मिलेंगे मरहम बनकर

जख्म सीने में पड़ा है लावारिस की तरह
कोई आता नहीं बच्चे का अपना बनकर

मेरी यादों के दायरे में बस आप रहे
आप कातिल रहे और हम मुजरिम बनकर

आपके खातिर लाखों सर कुर्बान हुए
जाने कैसे जीते हैं आप बेरहम बनकर

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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