शायरी – दिल में दर्द बसाने की हसरत ही नहीं

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तेरी दुनिया बेरहम हो चुकी मालिक
यहां आंसू बहाने की फुरसत ही नहीं

हर कोई परेशां है खुशियों के लिए
दिल में दर्द बसाने की हसरत ही नहीं

ऐसी दुनिया में कोई क्यों करे मुहब्बत
जिसने पहचाना तेरी कुदरत ही नहीं

जो सामने किसी के सच बोल देता हो
उनसे रखता यहां कोई सोहबत ही नहीं

©RajeevSingh

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