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समंदर शायरी ईमेज

डूबा बैठा समंदर में उसको पागल समझकर
उन लहरों ने कश्तियों की नादानी नहीं जानी

अश्को को छुपाने की मुश्किल कोशिश में वो
रो लेने से जीने में होती है आसानी नहीं जानी

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