how to write shayari

शायरी – वो जो तन्हा सा, परेशां सा है

जब इश्क होता है जिंदगी तन्हा और परेशान सी हो जाती है। ये भी सच है कि दिल नादान न होगा तो इश्क भी न होगा। किसी से प्यार के लिए थोड़ी नादानी चाहिए वरना अक्ल के पास इश्क का इल्म कहां। लेकिन महबूब की तलाश में जब दिल पड़ता है तो उसी वक्त वो अकेला हो जाता है क्योंकि उसे दुनिया में कोई ऐसा नजर ही नहीं जिससे वो प्यार करे।

dil ka tamasha shayari image
Tu Apni Aashiqui Se Hi Badnam Huaa Hai
Har Koi Tujhe Dushman Najar Aayega Ek Din

फिर अचानक दिल किसी का चेहरा तलाशने लगता है। उस चेहरे को सीने में उकेरते हुए, आईने में उसका चेहरा देखते हुए मन कहीं खोने सा लगता है और आशिक खुद से अजनबी होता चला जाता है। वो खुद ही नहीं पहचान पाता कि वो कौन है और उसे भी पहचान नहीं पाता जिसके लिए वो खोया है।

दुनिया की भरी महफिल में फिर वो कोई कोना तलाशने लगता है जहां वो इस भीड़ से दूर उसे याद कर सके। उसे दुनिया की कोई रवायत अच्छी नहीं लगती, कोई जश्न उसे रास नहीं आता। इश्क का ऐसा असर होता है…

चेहरा जैसे कोरा कागज सा बन जाता है। उस पर आंसुओं से हर जगह उसी का नाम लिखा होता है। इश्क का दर्द आंखों से झलकता है और छलकता है, फिर चेहरे पर वो तमाम निशानियों को छोड़ता हुआ रातें काटता है।

ऐसी ही तन्हाई और इश्क के अहसास को इस गजल में पिरोया गया है। एक आशिक के वजूद और जेहन पर लिखी गई यह गजल एक तस्वीर है जिसमें हर सच्चा प्यार करनेवाला ढलता है।

वो जो तन्हा सा, परेशान सा है
इस दुनिया में दिले-नादान सा है

जाने क्या खोया उसका अपना
अजनबी खुद से ही अंजान सा है

इस जमाने की भरी महफिल में
किसी कोने में रखे सामान सा है

कोरे कागज से उदास चेहरे पे
आंसुओं से लिखा बयान सा है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

 

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One thought on “शायरी – वो जो तन्हा सा, परेशां सा है”

  1. love ka to kou omar nehi
    masti ka bhi koye umar nehi
    loog jo kete hai une kehene do
    are love keya one kud hi pata nehi

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