शायरी – वो समंदर में बसता है तूफां बनकर

love shyari next

वो समंदर में बसता है तूफां बनकर
दिल से उठता है, गिरता है आंसू बनकर

लहरें जाती हैं आंखों के किनारों की तरफ
दर्द की रेत संग रहती है आरजू बनकर

खो गया है वो सितारा मेरे आसमा का
कौन आएगा अमावस का जुगनू बनकर

इस समंदर ने भी दिल पे चोट खाई है
रोज रोता है ये चांद का मजनू बनकर

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.