how to write shayari

शायरी – इश्क में ये कैसी कशमकश है दिल में

तुमसे जबसे प्यार हुआ है तुम्हारे पास आने से मैं न जाने क्यों घबराता हूं। तुमको दूर से देखता हूं और तुम सामने से आती हो तो रास्ता बदल लेता हूं। ख्याल ये भी आता है कि कहीं तुम मुझसे दूर चली गई तो मेरा क्या होगा? ये इश्क की ऐसी कशमकश है जिसमें दिल में उलझन सी रहती है।

तुमसे अभी तक कह नहीं पाया कि तुमसे प्यार करता हूं। मेरी जुबां तुमसे इजहार करने से शरमाती है। तुम सामने से आती हो और रोज गुजर जाती हो और मैं बस उदास होकर चला जाता हूं कि आज भी तुमसे वो बात कह नहीं पाया जिसको कहने के लिए दिल बेकरार है लेकिन जुबां खामोश।

प्यार में दूरी शायरी इमेज
उतना ही क्यों दूर जाती हो
हम तुम्हारे जितने पास आएं

ऐसा क्यों है? इश्क में इसकी भी वजह है। आशिक के दिल में ये डर रहता है कि कहीं तुम इजहार पर ना कह दो तो क्या होगा। दिल तो ये कहता है कि तुम हां कहोगी और यह सोचते ही मन में खुशी का फूल खिल उठते हैं और महकने लगते हैं लेकिन अगले ही पल ये महसूस होता है कि कहीं तुम ना कह दोगी तो…

तुम्हारे ना के ख्याल से ही सिहर सा जाता हूं, डर जाता हूं। इसलिए तुम्हारे पास आने से घबराता हूं, तुमसे दिल की बात कहने से डरता हूं। इस डर ने ऐसा परेशान किया है कि जी उदास रहता है, मन परेशान रहता है। इसी उम्मीद में ये गजल लिख रहा हूं कि शायद तुम दिल की धड़कनों की परेशानियों को समझ सको…

तुम्हारे पास आने से मैं घबराता हूं
तुमसे दूर जाने से मैं डर जाता हूं

इश्क में ये कैसी कशमकश है दिल में
कि जुबां से कहने से मैं शरमाता हूं

तुम बेफिक्र सी अक्सर गुजर जाती हो
और मैं गमगीन होकर चला जाता हूं

तुमसे ‘हां’ की उम्मीद से मुसकाता हूं
मगर तेरी ‘ना’ सोचकर सिहर जाता हूं

©RajeevSingh

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