शायरी – दिल को इश्क में जलने की किस्मत तो मिले

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मेरे दिल में सुकूं को बरकत तो मिले
बेरहम दर्द को कहर ढाने से फुरसत तो मिले

अंधेरा ही अंधेरा बिखरा है मेरे आंगन में
चांद को इधर आने की मोहलत तो मिले

जिंदगी को आग में बदलते देर नहीं लगती
दिल को इश्क में जलने की किस्मत तो मिले

बेवफाई को खुलेआम बरसते देख लिया
इस शहर में मुझे सावन की मोहब्बत तो मिले

©RajeevSingh

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