शायरी – दर्द को देखकर मुंह मोड़ना आसान नहीं

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दर्द को देखकर मुंह मोड़ना आसान नहीं
अभी इंसान हूं मैं, कोई भगवान नहीं

चीज दुनिया की उनको ही वापिस कर दी
मेरे दिल में सिवा तेरे कोई सामान नहीं

हुस्न पैदा ही होती है, बनाई नहीं जाती
बिना आशिक के उसकी कोई पहचान नहीं

दीद हो जाए, इतनी सी चाहत है फकत
दिले-नादां को और कोई भी अरमान नहीं

दीद – to see

©RajeevSingh

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