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सपने शायरी इमेज

निगाहों में छुपा दर्द ये जमाना देख न सका
महफिल में इस तरह हम हंसते कहीं खो गए

अपनों ने इतनी उलझनों में फंसा दिया कि
सारे सपने आहिस्ते आहिस्ते कहीं खो गए

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