प्रेम कविता – दिल की दीवारों पर तेरी तस्वीर बनी है

Love poem by rajeev

ऐसा लगता है जैसे तुम मेरे पास बैठी हो
दिल की दीवारों पर तेरी तस्वीर बनी है

मैं जब सोता हूं तो वही तस्वीर
मेरे ठीक बगल में सो जाती है
मैं जब सुबह जागता हूं तो
मेरे साथ वो भी जाग जाती है
जब निकलता हूं घर से कहीं
तो मेरे साथ वो तस्वीर भी चलती है

भूख लगती है तो पहले पूछता हूं
उस तस्वीर से, तुमने खाया कि नहीं

मैं और तुम्हारी तस्वीर का ये मंजर
कितना अजीब है देखो जानेमन
तुम मेरे बहुत करीब वजूद में हो मगर
फिर भी अधूरा सा महसूस करता हूं
एक दर्द का अहसास हमेशा करता हूं

तेरी तस्वीर दिल में और तुम सामने होगी
तभी ये इश्क और जिंदगी मुकम्मल होगी।

Written by @RajeevSingh

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