रातभर रोया फलक आशिक के संग फोटो शायरी

रातभर रोया फोटो शायरी

रात भर रोया फलक आशिक के संग जागकर
मैं भी दुनिया छोड़कर मातम वहीं करने गया

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आसमान में तेरी सूरत का चांद जो खिला, उसे देखकर मैं जाने कितनी रातें जला, यूं ही चलता रहा इश्क का सिलसिला।

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