शायरी – फिर भी तुम पास हो, ये कैसी जुदाई है

love shayari hindi shayari

मेरी बर्बादी किस हद पे उतर आई है
बेरहम याद है और रात ये हरजाई है

आग इक हमने इस सीने में सुलगाई है
दूसरी आग भी जमाने ने अब लगाई है

कई बरसों से हम तुमसे मिले ही नहीं
फिर भी तुम पास हो, ये कैसी जुदाई है

हमने उसको ही नजाकत से अपनाया है
वो कली जो किसी गुलशन में मुरझाई है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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