शायरी – सारे गुलशन का दर्द दामन में समेट लिया हमने

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मुहब्बत हुई एक कली से मगर
सारे गुलशन का दर्द दामन में
समेट लिया हमने

जब भी गुजरा उल्फत का सावन
बरसात की हर बूंद को आंखों में
समेट लिया हमने

इश्क ने किए जो रातों में सितम
हर सितम को अपनी शायरी में
समेट लिया हमने

©RajeevSingh/ love shayari

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