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जिसने मुझे जीना सिखाया वो शादीशुदा है, जिससे मेरी शादी हो रही वो धोखेबाज – आकांक्षा की लव स्टोरी

मैं आकांक्षा हूं। अकाउंट डिपार्टमेंट में जॉब करती हूं। बहुत गरीब परिवार से हूं। स्कूल में जब पढ़ती थी तब मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड बना जो अब तक सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा है और कुछ काम भी नहीं करता है। उसने मुझे कई बार दूसरी लड़कियों के लिए छोड़ा पर हमेशा गिड़गिड़ा कर, रोकर मुझे मना लेता था। एक बार मैंने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया तो उससे ब्रेकअप कर लिया।

कहते हैं कि सबकी लाइफ में एक ऐसा इंसान आता है जो उसकी दुनिया बदल जाता है। मैं ऑफिस में समीर से मिली। वो शादीशुदा है। एक बेटी भी है उसकी। बहुत अच्छा इंसान है। वो अपनी बीवी से बहुत परेशान है। तलाक की बात करता है तो बीवी उसे सुसाइड और बेटी की हत्या कर फंसाने की धमकी देती है। इस वजह से उसकी लाइफ बर्बाद है। यह सब जानकर भी हम दोनों एक दूसरे क्लोज आ गए और प्यार हो गया।

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मेरे पापा ने मुझे कभी सपोर्ट नहीं किया। मैंने अपनी पढ़ाई भी खुद कमाकर की। मैंने काफी संघर्ष के बाद नौकरी पाई। ऑफिस में समीर का प्यार पाकर मेरी लाइफ खुशियों से भर गई। उसने मेरे लिए इतना किया जो एक पिता या पति भी नहीं कर सकता। हर चीज में मेरी मदद की। कभी झूठ नहीं बोला और न ही किसी चीज का लालच किया।

अब पिछले एक साल से मेरी फैमिली मुझपर शादी का दबाव डाल रही थी। मैंने समीर से बात की। उसने कहा कि हमारी शादी नहीं हो पाएगी। खैर, उसकी भी कोई गलती नहीं, हम दोनों को सबकुछ पहले से पता है। इस बीच मेरा पांचवीं पास एक्स ब्वॉयफ्रेंड अपनी फैमिली को लेकर मेरे घर शादी की बात करने आ गया और मेरी फैमिली ने भी हां कर दी।

उस पांचवीं पास से मेरी शादी होनेवाली है। मैं घर में मना नहीं कर पाई। फैमिली का फैसला मानने के लिए मजबूर हूं और मुझे ये शादी करनी पड़ेगी। अब मैं यह सोच नहीं पा रही है कि समीर का साथ मैं कैसे छोड़ूं जिसने मुझे जीना सिखाया, मेरा इतना साथ दिया, मेरे लिए इतना कुछ किया। मैं उसकी लाइफ से गई तो वो टूट जाएगा क्योंकि पहले से वो बहुत टेंशन में रहता है और उसको हार्ट की भी बीमारी है। अगर मैं समीर का साथ नहीं छोड़ती तो जिससे शादी होगी, उसके साथ धोखा होगा जो मैं नहीं चाहती। मैं बहुत परेशानी में फंस गई हूं। बताइए इस सिचुएशन में क्या करूं?

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जिससे प्यार किया उसने शादी नहीं की, जिससे शादी की वो लड़ाई करती है

मैं बैंगलौर से विशाल हूं। मैं इस पेज से जुड़ा हूं। मैं एक लड़की से बहुत प्यार करता था। उसका नाम अनु था। अनु के साथ मेरा रिश्ता सात आठ सालों तक चला। उससे शादी करने के लिए कहा तो उसने बहाना बनाना शुरू कर दिया कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी होगी तब शादी करूंगी। पढ़ाई पूरी हुई तो उसने नया बहाना बना दिया। इधर मेरी मां की तबियत बहुत ज्यादा खराब होती जा रही थी।

मां को घर का काम करने में दिक्कत होती थी तो उन्होंने मुझसे पूछा कि बेटा हम तुम्हारी शादी कर दे रहे हैं, कोई लड़की पसंद हो तो बता दो। मैंने मां को उस लड़की के बारे में बताया तो इसके बाद मेरे पापा ने उससे शादी करने से मना कर दिया। वो बोले कि बेटा तुम गलत कर रहे हो, तुम्हारी शादी वहीं होगी जहां हम करेंगे।

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पापा ने मेरी शादी किसी और से तय कर दी। जब शादी तय हो रही थी तो अनु ने मना किया कि शादी मत करो लेकिन वो खुद भी उस वक्त शादी के लिए तैयार नहीं थी और इंतजार करने के लिए कह रही थी। मैं कुछ नहीं कर सका। मेरी शादी हो गई तो अनु ने मुझसे बात करनी बंद कर दी। शादी को एक साल हो चुके हैं और अनु भी मुझसे बात नहीं करती, उधर बीवी मुझसे बहुत झगड़ा करती है। समझ नहीं आता कि जीऊं कि मरूं?

छोटी छोटी बातों को लेकर बीवी झगड़ा करती रहती है। ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन लड़ाई न होती हो। मुझे बहुत गुस्सा आता है मगर मैं कुछ नहीं कर सकता। मैं बीवी को बहुत समझाने की कोशिश करता हूं मगर वो नहीं मानती। मैंने मम्मी पापा की देखरेख के लिए उससे शादी की थी लेकिन वो उनलोगों के पास भी नहीं रही। वहां भी झगड़ा करती रही। मैं जहां रहता हूं वहीं जाने की जिद करती थी तो मैं बहुत परेशान हो गया।

जिनलोगों की खुशी के लिए इससे शादी की थी, उनके साथ रहने को तैयार नहीं। मां पापा ने कहा कि बेटा तू इसे अपने साथ ले जा, ये साथ रहेगी तो खुश रहेगी। मां पापा की बात मानकर उसे साथ ले आया मगर यहां भी वो नहीं बदली। मेरी जिंदगी तबाह हो चुकी है और बहुत उलझ गई है। अगर मैं अनु से शादी कर लेता तो मेरी लाइफ बहुत अच्छी होती, मैं उससे बहुत प्यार करता था। पता नहीं क्या हुआ, उसने मुझसे शादी ही नहीं की और मेरी जिंदगी किसी और से शादी करके बर्बाद हो गई। मैं क्या करूं?

मेरे ब्वॉयफ्रेंड की शादी हो गई, मैंने उससे कहा कि मेरे पहला बच्चा तुमसे ही होगा – बिहार से शीतल की लव स्टोरी

मैं बिहार से शीतल हूं। मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से बहुत प्यार करती हूं और वो भी मुझे बहुत प्यार करता है। हम दोनों ने एक-दूसरे के साथ शादी करने की बात घर में की लेकिन न उसके घरवाले माने, न ही मेरे घरवाले। हम दोनों एक ही कास्ट के हैं, फिर भी घरवालों ने इसलिए मना कर दिया क्योंकि वो दूर का रिश्तेदार लगता है।

मेरे ब्वॉयफ्रेंड की शादी घरवालों ने किसी और से तय कर दी है। वो भी मजबूर है। हम दोनों जानते हैं कि अब हमारी शादी नहीं हो सकती क्योंकि हम भागकर शादी नहीं कर सकते। उसकी शादी हो रही है, फिर भी हम दोनों रातभर बातें करते हैं और रोते हैं।

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ये अलग बात है कि अब हमारे बीच बातें कम, झगड़े ज्यादा होते हैं। ये रोज ही होता है। हम दोनों की खुशियां छिन गई हैं। मैं कई बार उससे कहती हूं कि मुझे भी अपने साथ रख लो। हम दोनों अपनी मजबूरियों के बावजूद एक दूसरे के साथ रिश्ते को बनाए रखे हुए हैं।

मैंने प्यार के रिश्ते को एक नए अंजाम तक पहुंचाने का फैसला लिया है। मैंने उसके कहा है कि भले मेरी शादी किसी और से हो लेकिन मेरा पहला बच्चा तुमसे ही होगा। वो तुम्हारी निशानी रहेगी मेरे पास जिंदगीभर के लिए। वो मुझसे बहुत प्यार करता है इसलिए वो भी मान गया है। मैं अपने प्यार को जिंदा रखूंगी चाहे भले मेरे फैसले के बारे में कोई कुछ भी सोचे।

वो पति से तलाक ले रही है और मुझसे शादी करना चाहती है – तरूण की रियल लव स्टोरी

मेरा नाम तरूण है और मैं उत्तराखंड से हूं। एक बार 2009 में मैं एक शादी में अपनी बुआजी के घर गया। वहां पर मुझे एक लड़की बहुत अच्छी लगी। मैंने उसके बारे में अपनी बुआ की लड़की से पूछा तो वह दूर की रिश्तेदार निकली। वह मुरादाबाद की रहनेवाली थी। मेरा मन किया कि मैं उससे बात करूं पर कर नहीं पाया। जब वह अपने मम्मी पापा के साथ घर जा रही थी तो मैंने थोड़ी हिम्मत कर उसे अपना मोबाइल नंबर दे दिया और उसने नंबर लेकर अपने पास रख लिया।

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जब वो अपने घर पहुंच गई तो उसने मुझे कॉल किया और बताया कि हम लोग पहुंच गए हैं। मुझे बहुत खुशी हुई फिर धीरे-धीरे हम दोनों रोज फोन पर बात करने लगे। वो भी मुझे काफी पसंद करने लगी और एक साल हमारे बीच ऐसे ही बात चलती रही। फिर एक दिन मैंने उसको प्रपोज किया और बोला कि मैं तुमसे प्यार करता हूं। उसने मेरा प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया।
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उसके पापा दूसरे स्टेट में जॉब करते थे तो मम्मी भी वहीं रहती थी और वो अपनी बहन के साथ मुरादाबाद में रहती थी। फिर मैं उसके घर जाकर मिलने लगा। हम एक दूसरे का साथ बहुत अच्छा लगता था। हमारा रिश्ता बहुत गहरा हो गया और सबकुछ ठीक चल रहा था।

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पांच साल बाद 2014 में उसने मुझे बताया कि उसके पापा ने उसके लिए एक लड़का देखा है और वो लोग उसके देखने आ रहे हैं। वो बहुत रोयी और मुझसे बोली कि मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं और तुम्हारे साथ ही रहना चाहती हूं। वो हमारे दूर की रिश्तेदार थी इसलिए उसे शादी होना पॉसिबल नहीं था। वो मेरे बुआ के ननद की लड़की थी।
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हम दोनों एक दूसरे के बारे में घर में बात नहीं कर पाए और इसका एक रीजन यह भी था कि मेरे बड़े भैया की शादी भी नहीं हुई थी। मैंने उसको काफी समझाया और उसको बोला कि जहां उसके घरवाले शादी करना चाहते हैं, वहां कर लो। उसने मेरी बात मानी और 2014 में उसकी शादी हो गई।
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मैं भी उससे बहुत प्यार करता था इसलिए उसको बहुत याद भी करता था। फिर उसकी शादी के लगभग तीन चार महीने बाद उसने मुझे फोन किया और बताया कि उसका पति बहुत बुरा इनसान है और दिन रात शराब पीकर उसके साथ गाली गलौच बदतमीजी करता है और वो बहुत परेशान है।
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उसको जब भी मौका मिलता था, वो मुझसे बात करती थी। फिर एक दिन 2016 में उसका अपने पति के साथ बड़ा झगड़ा हुआ और वो अपने मम्मी पापा के पास आ गई और सारी बात घरवालों को बताई। उसके घरवालों ने उसे ससुराल भेजने से साफ इनकार कर दिया और उसके ससुर सेबोला कि हमारी लड़की आपके बेटे के साथ नहीं रह सकती और वो उससे तलाक लेना चाहती है।
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अपने घर आकर वो मुझसे रोज बात करने लगी और अब हमारे बीच फिर वैसा ही रिश्ता बन गया है। मैंने उसे कहा कि अब मैं उससे शादी करना चाहता हूं। उसने अपनी मम्मी को हमारे बारे में सब बताया तो उन्होंने साफ मना कर दिया कि ये शादी कभी नहीं हो सकती। रिश्ता उल्टा पड़ रहा है।
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मेरे घरवाले भी इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेंगे, वो भी यही कहेंगे जैसा कि उसकी मम्मी ने कहा। वो मुझसे बोलती है कि वो सिर्फ मुझसे ही शादी करेगी, नहीं तो बिना बताए कहीं दूर चली जाएगी। मैं उससे बहुत प्यार करता हूं और शादी करना चाहता हूं। वो बोल रही है कि हमलोग कोर्ट मैरिज कर लेते हैं। आप लोग बताइए कि क्या ऐसा करना चाहिए और कोर्ट मैरिज का क्या सिस्टम होता है, ये भी मुझे नहीं पता? क्या ऐसा करना ठीक होगा?

झूठ की बुनियाद पर मेरी शादी हुई, तलाक तक कैसे पहुंची – दिव्या की रियल मैरिज स्टोरी

मेरा नाम दिव्या है। मैं मध्य प्रदेश की रहने वाली हूं। मेरी शादी मेरे घर वालों ने एक साल पहले कराई। जब उन्होंने मेरी शादी तय की तो उन्हें लड़के वालों ने ये बताया कि लड़का बिजनेस करता है। उनकी जो रेंटल प्रॉपर्टी है उसका रेंट चालीस पचास हजार रुपया हर महीने आता है। लड़के की तीन शॉप बताई गई थी।

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लेकिन जब मैं वहां शादी के बाद पहुंची तो मुझे पता चला कि ये सब झूठ है। वो लड़का केवल रिचार्ज की दुकान करता है और उसके घर का रेंट केवल दस बारह हजार रुपये आता है। ये सब जानने के बाद मुझे बहुत बुरा लगा तो मैं बहुत उदास हो गई। मेरा मेरे पति से रिश्ता ठीक नहीं रहा। लेकिन फिर मैंने ये सब सोचकर एक्सेप्ट कर लिया कि आगे सब ठीक हो जायेगा। मैं भी जॉब कर लूंगी। इसी बीच मुझे अपने पति से भी प्यार हो गया।
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मैने उनके लिए सब स्वीकार कर लिया। लेकिन फिर मेरे पति मेरे घर वालों के बारे में हर वक्त कुछ न कुछ बुरा बोलते रहते थे। मेरे पापा के बारे में और मेरे भैया के बारे में। लास्ट टाइम जब मेरे भय्या मुझे लेने गये तो उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हारे भैया ने मेरे भाई और मेरी बहन के पैर नहीं छुए, तुम्हारे भैया आते ही नहीं तो अच्छा रहता। तो मैंने कहा कि ऐसा नहीं होता है। तो उन्होंने मुझसे कहा कि अगर पैर नहीं छुएंगे तो फिर तुम अकेले ही चली जाना और अकेले ही आ जाना। अगर वो पैर नहीं छुएंगे तो फिर यहां तुम्हारे घर वालों का सम्मान भी नहीं होगा। उनसे कोई बात भी नहीं करेगा।
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मैं भैया के साथ मायके आ गई। फिर मैंने सबकुछ अपने घर वालों को बताया तो मेरे भैया ने मेरे पति के भैया को बोला कि आप आ जाओ मुझे आपसे बात करनी है। लेकिन उनके भैया ने मना कर दिया और मैं वापस नहीं गई। फिर एक महीने बाद मेरे पति का फोन आया तो उन्होने कहा कि मैं तुम्हें लेने आ रहा हूं, तुम मेरे साथ आओगी या नहीं तो मैंने बोला कि आप भैया से बात कर लो तो मैं आपके साथ चलूंगी। लेकिन उन्होंने मेरे भैया को फोन करके कहा कि आखिरी बार दिव्या को लेने आ रहा हूं। अगर अपको भेजना है तो भेज देना। फिर जब ये बात मेरे घर वालों ने मुझे बताई तो मैंने जाने से मना कर दिया। दूसरे दिन जब वो आये तो उन्होंने मेरे घर का पानी भी नहीं पिया और चले गये।
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फिर तीन महीने तक हमारी कोई बात नही हुई। तीन महीने बाद उन्होने मुझे कॉल किया। हमारी बात फिर शुरू हो गई। फिर हमने दो महीने अच्छे से बात की और हमारे बीच की प्रॉब्लम सॉल्व हो गयी। फिर एक दिन उन्होंने मुझसे बोला कि दिव्या तुम अपने पापा-मम्मी को भेज दो, मै सबको बैठा कर बात करा देता हूं। मुझे भी लगा कि ये ठीक है। मैंने अपने पापा-मम्मी भैया, दीदी, जीजाजी को भेज दिया। लेकिन जब वो लोग गये तो मेरे पति बात करने भी नहीं आए और उनके भैया ने मेरे घर वालों को बोला कि आप सब निकलो यहां से। उन्होंने हमारे परिवार को अपमानित करने के लिए बुलाया था। बस उसके बाद हमारी बात नहीं हुई। इसके बाद मैंने पति से तलाक लेने का फैसला लिया।
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अब मेरा डाइवोर्स केस चल रहा है लेकिन वो कहते हैं कि वो मुझसे प्यार करते हैं और मेरे साथ रहना चाहते हैं। लेकिन वो मुझे ये भी कहते हैं कि तुम ईगो में ये सब कर रही हो। जबकि झगड़ा उन्होंने शुरू किया था। मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मै क्या करूं। मुझे इसी 18 मई से पहले फैसला लेना है क्योंकि उस दिन कोर्ट में मुझे अपना डिसीजन देना है।

शादी करने से पहले जीवनसाथी से यह सवाल जरूर पूछें – राजीव की रियल मैरिज स्टोरी

शादी भी एक प्रेम का रिश्ता होता है। जिससे शादी करने की हम सोचते हैं उसके बारे में हम पॉजिटीव सोचते हैं तभी रिश्ते में आगे बढ़ते हैं। लेकिन फिलहाल जो हमारे यहां शादियां हो रही हैं उसमें नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच बहुत टकराव है। मां-बाप बेटियों को इज्जत मानकर किसी से प्रेम संबंध बढ़ाने नहीं देते या ऐसे किसी अफेयर का पता चलने पर तुरंत उसको इमोशनल ब्लैकमेल कर या दबाव डालकर किसी लड़के से शादी कराने की सोचते हैं। लेकिन ये नहीं सोचते कि जिस लड़के से उनकी बेटी की शादी दबाव के तहत होगी, उसका क्या बुरा हाल होगा? ठीक इसी तरह लड़के की शादी जबरन करानेवाले मां-बाप यह नहीं सोचते कि लड़की का क्या होगा?

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मैं इस पेज का एडमिन राजीव हूं। एरेंज मैरिज में कितना फरेब है, कल इसके बुरे अनुभव से गुजरा। मेरी शादी के लिए झारखंड से एक रिश्ता आया था। मैं दिल्ली में रहता हूं। मेरी फैमिली के जरिए लड़की का बायोडाटा आया था। लड़की की फैमिली और मेरी फैमिली पहले से एक-दूसरे से परिचित हैं, दूर की रिश्तेदारी भी है। लड़की काफी पढ़ी लिखी प्राइवेट जॉब करती है। मैंने बायोडाटा ओके किया और इधर से अपना मोबाइल से खींचा गया फोटो, बायोडाटा भेज दिया। बस कुछ दिन बाद ही लड़की के पापा दिल्ली में मुझसे मिलने आए।
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इसके बाद सीधे वे बिहार में मेरे घर पर गए और शादी की डेट तय करने लगे। जबकि मैं लड़की से बातचीत कर ये जानना चाहता था कि मैं उसे पसंद हू कि नहीं। मेरी फैमिली भी पुराने ख्यालों की है तो उन्होंने भी मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। वो शुक्र है कि लड़की के पापा से किसी बात पर (शायद दहेज को लेकर) मेरे घरवालों की सहमति नहीं बनी जिस वजह से शादी की डेट फाइनल नहीं हो पाई वरना तभी सबकुछ तय हो जाता। मैं चाहता था कि मुझे और लड़की को बात करने का स्पेस मिले ताकि हम तय कर सकें कि हमें साथ रहना है कि नहीं?
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फिर मैंने लड़की से बात कराने पर जोर दिया। साथ ही मैं यह भी सोच रहा था कि कैसी लड़की है जो पढ़ी लिखी है लेकिन इसके अंदर यह जानने की जिज्ञासा नहीं है कि जिसके साथ उसकी शादी होनेवाली है, वह लड़का कैसा है? मुझे ये बात पच नहीं रही थी। मैं किसी भी हालत में बातचीत करना चाहता था। इसके बाद लड़की का बाप एक महीने तक उससे बातचीत कराने के मामले को टालता रहा।
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लड़की का बाप किसी भी हालत में यह शादी कराना चाहता था। आखिरकार उसने मोबाइल नंबर दिया भी तो उसने कोशिश की कि लड़की से मेरी बात उनके सामने हो। मैंने फिर उस वक्त बात करने से मना कर दिया। मोबाइल नंबर के एक्सचेंज होने के बावजूद लड़की का कोई रिस्पॉन्स नहीं था। मैंने आखिरकार उसे कॉल लगाया तो उसने उठाया। मेरा उससे बस एक सवाल था कि तुम मम्मी-पापा के दबाव को दिमाग से निकालकर जवाब दो कि क्या तुम यह शादी करना चाहती हो? पहले दिन तो उसने गोलमटोल जवाब दिया। उसने कहा कि मम्मी-पापा की पसंद ही मेरी पसंद है। मुझे घर में बोलने की इजाजत नहीं है। वगैरह-वगैरह।
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फिर दूसरे दिन उसने बात ही नहीं की। मैं उसके जवाब का इंतजार करता है। उसने कहा कि ऑफिस से कॉल करूंगी। लेकिन तीसरे दिन भी उसने कॉल नहीं किया और मैं इंतजार में सिर धुनता रहा। आखिरकार मैंने उसको ह्वाट्सऐप पर कहा कि जो कहना चाहती हो, चैट पर कह दो, मैं किसी से नहीं कहूंगा। तो वो बोली कि मैं यह शादी नहीं करना चाहती, आप मुझे पसंद नहीं हो, मैं झारखंड की प्राइवेट जॉब छोड़कर दिल्ली नहीं आ सकती। मैंने इस रिश्ते से मना किया तो घर में बहुत ड्रामा हो गया तो मजबूरी में हां कहना पड़ा। मैं मम्मी-पापा को मना नहीं कर पा रही। मैं मना करूंगी तो पापा मेरा जीना मुश्किल कर देंगे। इसलिए आप अपनी तरफ से मना कर दो लेकिन मेरा नाम मत लेना। मेरा नाम लोगे इससे बेहतर है कि मुझसे शादी कर लो लेकिन मैं आपके साथ खुश नहीं रह पाऊंगी। आप मेरी खातिर बस इस रिश्ते से मना कर दो, मैं जीवनभर अहसानमंद रहूंगी।
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पिछले दो महीनों से उसके साथ मेरे रिश्ते की बात चल रही थी इसलिए मैं उससे थोड़ा इमोशनली अटैच्ड हो गया था। उसकी बात सुनकर मुझे धक्का लगा। मैंने अपने घर पर इस रिश्ते को करने से मना कर दिया और लड़की को आखिरी मैसेज लिखा कि अच्छा हुआ जो तुमसे मैंने बात की वरना तुम दबाव के तहत मुझसे शादी करती तो मैं तो बर्बाद हो जाता।
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