शायरी – मुझे कुबूल कर तुम भी गुनहगार हुई

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एक तरफ जख्म दिया है इस जमाने ने
एक तरफ दर्द दिया है तेरी निगाहों ने

अब दुनिया की नजर में हम मुजरिम हैं
बहुत रुसवाई दिया है तेरी पनाहों ने

मुझे कुबूल कर तुम भी गुनहगार हुई
तुझे भी ठुकरा दिया है तेरे आशियाने में

जो खता हो गई हमसे हमदर्द सनम
कई सदियों से किया है तेरे दीवाने ने

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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