100 हिंदी फोटो शायरी

दो दिलों के प्यार की नाजुक भावनाओं को बयां करती सौ फोटो शायरी जिन्हें हिंदी और उर्दू के खूबसूरत शब्दों में लिखा गया है। ये फोटो शायरी इश्क की दीवानगी, दर्द और गम की कहानी कहती है।

हिंदी फोटो शायरी 1-10

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मेरे मुकद्दर में नहीं थी तुम, तुमको खतावार कैसे कहूं

यही करता है आशिक दिलबर के लिए

तेरी यादों में है ये इश्क भी सावन का मौसम

तू मेरे इश्क का बुरा अंजाम न कर

इश्क में वो खुद पर जुल्म करता है

इश्क तुमसे किया, जमाने का सितम सहा

हंस नहीं पाएंगे जब तक वो नहीं आएंगे

मेरे शायर तुम मेरी कहानी लिखो

ऐसा लगता है कि वो न आएगी पास कभी

अभी मसरूफ हो तुम अपनी उलझन में

हिंदी फोटो शायरी 11-20

दिले नादां को और कोई अरमान नहीं

 दिल रात में तन्हा रह जाएगा

दिल के रोग का मरहम जाने क्या होगा

 हम अंजाम ए इश्क की क्यों परवाह करें

दिल का तमाशा बिखर जाएगा एक दिन

वो दफ्न ही कर देते आगोश में हमें लेकर

इतने भी बुरे दिन अभी आए नहीं मेरे

मैं बना फिरता हूं दीवाना तेरे गम में

मेरी खताओं की सजा अब मौत ही सही

उनकी याद न आए तो जीना छोड़ भी देते

हिंदी फोटो शायरी 21-30

क्या समझ पाएंगे जिसने दर्द न झेला हो

चुप रहते हो और खुद पे सितम ढाते हो

जान कह रही है जानम नहीं आया

आशिकों के दिन बदकिस्मत, रातें भी अभागे हैं

तुझे भूलकर कभी जिंदा नहीं था

इस गम से जीवन के सपना सजा लिया

दिल का सौदा है इकतरफा

 होता है इश्क तब अपने आप

तेरी जुस्तजू में ऐसी हालत हुई है

कोरे कागज से उदास चेहरे पे

हिंदी फोटो शायरी 31-40

आज भी दिल में रुकी है तेरे गम की कसक

तू बेखबर मेरी नींद बरबाद कर गई

रात भीगी चादंनी में जल गई

चांद उस सनम का साया तो नहीं

हुस्न की भी क्या जवानी है

कभी मिलने को कहां बुलाती हो

मैं उसे चूमने का जुर्म किए जाता हूं

अब असर करता नहीं दुनिया का कोई जहर

हम तो मिलने गए महबूब के शहर

हो गया हूं मैं अजनबी सा खुद अपने लिए

हिंदी फोटो शायरी 41-50

ये दिल इतना बेबस है, कुछ कह नहीं सकता

फूल जब भी सीने में तेरी यादों का खिला

रोज मैखाने में जाकर बहुत रोते हैं वो जुदाई में

तुम मिली तो मुझे दर्द से भर जाती हो

आपकी अदाओं पर दिल कुरबान करते हैं

दिल से निकली आह खो गई आसमान में

तनहा जिस्म में दर्द की आग जो भड़की

अपनी आंखों में समंदर उतार चुका मैं

इश्क को हमेशा जिंदा रखने के लिए

वो किसी और का घर जाकर बसाएगी

हिंदी फोटो शायरी 51-60

खुदा ने भी क्या जाल बनाया

हर टुकड़ा दर्द का कहता है

हमने जब देख लिया तेरी रहगुजर चलके

आईने से कई बार पूछती रहती हूं मैं

हर सांस को तेरा ही मोहताज लिखा है

चाहा तो था खुशी दिल के कारोबार में

क्या मिलता है उन्हें दूसरों का घर जलाने से

सच्ची राह जो शख्स है चुनता

चांद सूरज भी जहां अपना वजूद खो चुका

फरिश्तों को भी राहों पर भीख मांगते देखा है

हिंदी फोटो शायरी 61-70

दहकते रहे उम्रभर होठों पर खामोश लफ्ज

 मुझमें तू जल जल के बुझेगी

तेरी खुशियों की बड़ी ख्वाहिश थी

ये अच्छा ही हुआ जो तुम न मिली

 तुम देने नहीं आई विदाई

सबका अपना अपना मेला, कोई भीड़ में कोई अकेला

उसके लिए दुनिया कातिलों का कारवां था

रिश्तों के भंवर में डूब गया मैं कब ये मालूम नहीं

 दिल लगाया तो अक्ल क्यों कम हो गई

गमे दिल से कभी खुशी का सबेरा नहीं निकला

हिंदी फोटो शायरी 71-80

मोहब्बत के तारे का आसमान नहीं होता

उसी शख्स में तो सिकंदर छुपा होता है

एक हुस्न की सूरत और भी हसीन होती है

तेरी मोहब्बत का आखिरी कतरा जब सूख गया

आईने सा मैं टूटता रहा आज मैं देर रात तक

ये मेरा दर्द भी दुनिया का कुछ सबक पाए

टूटा चांद रातभर दर्द को सहलाता रहा

तुमने उसी नाजुक बेजुबां को तोड़ लिया

इंतजारों के कांटों को मैं चुनता चला गया

ऐ जिंदगी तेरे इश्क में पागल भी हम हो चुके

हिंदी फोटो शायरी 81-100

खुदा क्या इश्क भी वो नहीं जानती

जब दिल टूटता है निगाहें रोती हैं

है अधूरी मेरी कहानी और तुम हो दूर कहां

तेरी जिंदगी भी जानेमन कितनी बेमिसाल है

भूल गया था जो मंजर, वो जमाना याद आया

चुप रहके ही जिंदगी का गम खाता रहा

भले बुलाती है वो कि आ ये तेरे घर सा है

ये दिल की आग तो भड़क जाए

मिल जाते अगर तुम तो अफसाने नहीं बनते

 जब भी मिला मौका, दिल दुखाना नहीं भूला

हम बंद करके दिल का कारोबार बैठे हैं

मेरे पास इश्क की सौगात न रही

मेरे दामन में बस कांटे नजर आते हैं

एक पल के लिए कभी वो दवा हो जाते

प्यास बहुत है दिल में बाकी

तुझमें खोये रहने का ये पहर न मिटे

जब कोई आपसे मुकाबला न कर पाएगा

इशारा तो करता हूं मगर देखती नहीं

अंजामे मोहब्बत बुरा ही होगा ऐसा लगता है

अपने रिश्तों में उठते हैं खंजर कई

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