4 लाइन शायरी 4 line shayari

शायरी – दर्द भी चीखकर कह न सका

उसके लिए अब मैं एक गम हूं इश्क में बेवफा हुआ सनम हूं दर्द को कभी चीखने न दिया खामोशी से जी रहा बेरहम हूं

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उसके लिए अब मैं एक गम हूं
इश्क में बेवफा हुआ सनम हूं

दर्द को कभी चीखने न दिया
खामोशी से जी रहा बेरहम हूं

जबसे वो मिली नहीं है हमसे
अपने ही अंदर कहीं दफन हूं

वो फिर से लौट आएगी कभी
पाल रहा मैं यह कैसा वहम हूं

©rajeevsingh             शायरी

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