4 लाइन शायरी 4 line shayari

शायरी – कतरा-कतरा मुझे मरता देखने चांद निकला हूं

उजली चांदनी में आंसू तारों सा चमकते हैं

तारों को बरसता देखने को चांद निकला है

उसकी ये हसरत कई दिनों से देख रहा हूं

कतरा-कतरा मुझे मरता देखने चांद निकला हूं

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