शायरी – खुद अपनी बेबसी पे दिल रोता है

खुद अपनी बेबसी पे दिल रोता है

वो जिसे चाहे उसे ही खो देता है

हम तरसते हैं एक कतरा मुहब्बत के लिए

यही प्यास तो मुझे आंसू दे जाता है

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