शायरी – गम अपना मिटाने को शराब क्या पीना

गम अपना मिटाने को शराब क्या पीना

तेरा दर्द ही काफी है फना होने के लिए

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One thought on “शायरी – गम अपना मिटाने को शराब क्या पीना”

  1. दिये रातो मे जला कर दिन बुजा देते और हम तेरी याद मे दिन रात जलते

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