4 लाइन शायरी 4 line shayari

शायरी – तुम लफ्ज़ बन कागज़ पे उतर जाती हो

जब याद करता हूँ तुम आ जाती हो

जब रो पड़ता हूँ तुम छलक जाती हो

लिखने को जब मैं उठाता हूँ कलम

तुम लफ्ज़ बन कागज़ पे उतर जाती हो

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One comment

  1. 💞💕कलम कागज़ का रिश्ता अजीब
    होता हे,
    चलती हे कागज़ के सीने पर दर्द बयां करने को..!!
    और कागज़ उस दर्द को सीने में दफ़न कर लेता हे…..💕💞
    🌺🌺

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