शायरी – मेरी तन्हाई में करीब आ जाओ

प्रीतम मेरी प्रीत में खो जाओ

मेरी तन्हाई में करीब आ जाओ

रात की चांदनी अंधेरी लगती है

मेरी पलकों में चिराग जला जाओ

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