4 लाइन शायरी 4 line shayari

शायरी – जब हुस्न के शोलों में वो संवर के आते हैं

जब हुस्न के शोलों में वो संवर के आते हैं मेरे सीने में इश्क के चिराग जल जाते हैं उस नूर का दुनिया पर ये असर होता है उसे देखकर मुरझाए चेहरे खिल जाते हैं

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जब हुस्न के शोलों में वो संवर के आते हैं
मेरे सीने में इश्क के चिराग जल जाते हैं

उस नूर का दुनिया पर ये असर होता है
उसे देखकर मुरझाए चेहरे खिल जाते हैं

जुबां खोला नहीं, नजर से सब बोल गए
बेजुबां में कभी कभी खुदा मिल जाते है

वह फूल जो जिंदगी में बहार ले आती है
लोग उसको अक्सर यहां मसल जाते हैं

©rajeevsingh              शायरी

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