शायरी – तुझे याद कर तन्हाइयों में जलना

रातभर आशियाँ के छत पर टहलना

या रस्ते पे आधी रातों को चलना

आदत है जीने की कुछ इस तरह

तुझे याद कर तन्हाइयों में जलना

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