शायरी – हम ढूंढते हैं बस आवारा दिल

इंसानों को तौलने के खातिर

हमारे पास दौलत का पैमाना नहीं

हम ढूंढते हैं बस आवारा दिल

क्योंकि हमारा भी कोई ठिकाना नहीं

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