2 लाइन शायरी 2 line shayari

शायरी – हर कोई खामोश रहता है अपने ही गुनाहों पे

किसे पता है कि किसने जमाने में क्या किया है

हर कोई खामोश रहता है अपने ही गुनाहों पे

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