शायरी – हर इक पल में हर जीवन का अपना-अपना हिस्सा है

हर इक पल में हर जीवन का अपना-अपना हिस्सा है
वक्त के हंसते-रोते पल में सबका अपना किस्सा है

Advertisements

One thought on “शायरी – हर इक पल में हर जीवन का अपना-अपना हिस्सा है”

Leave a Reply