शायरी – तुम जुदाई में मुझे रोने की दुआ देना

आंसू बहने से कुछ दाग धुल जाते हैं

तुम जुदाई में मुझे रोने की दुआ देना

 

इश्क की खाइयों में जब मैं गिरने लगूं

सहारे के लिए जरा अपना हाथ बढ़ा देना

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