शायरी – तेरी यादों के नूर में जला जाता हूं

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तेरी यादों के नूर में जले चले जाता हूं
तेरी परछाई संग अपने लिए जाता हूं

हमें भी इश्क हुआ तेरी नजर में खोकर
आज भी मैं बेखबर सा जीए जाता हूं

अभी तो रात है बाकी, अभी है रोना
वरना दिनभर आंसुओं को पीए जाता हूं

तेरी एक तस्वीर जो हमेशा पास रहती है
बार बार उसे चूमने का जुर्म कीए जाता हूं

©RajeevSingh

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